7/08/2008

टीवी पर आज शाम सवा़ आठ बजे..

हड़बड़ की यह छोटी, सूचनात्‍मक पोस्‍ट उन मित्रों के लिए है जो घर पर टीवी और केबल के सुख से सुखी हैं (हैं?), और जिनके पास आज शाम थोड़ी मोहलत है. दरअसल 1966 में बनी- 'अल्‍जीरिया की लड़ाई' फ्रांसीसी शासन के खिलाफ़ अल्‍जीरिया के आत्‍मनिर्णय के अधिकार की तकलीफ़देह लड़ाई के गिर्द बुनी जिल्‍लो पोंतेकोर्वो की यह फ़ि‍ल्‍म किसी भी औपनिवेशिक शासन मशीनरी के काम करने के निर्मम तरीकों व साधनहीन लोगों के दुस्‍साहसी लड़ाइयों का एक अच्‍छा ताना-बाना बुनती है. उन गिनी-चुनी फ़ि‍ल्‍मों में है जो फिक्‍शन में डॉक्‍यूमेंटरी के तत्‍वों का सफलतापूर्वक इस्‍तेमाल कर सकी है, और इतने वर्षों बाद अभी भी 'डेटेड' नहीं हुई है.

मौका लगे तो आज शाम सवा आठ बजे यूटीवी वर्ल्‍डमूवीज़ पर ज़रूर देखें. फ़ि‍ल्‍म संबंधी एक अन्‍य लिंक.

2 comments:

Mired Mirage said...

कठिन काम है पर कोशिश करेंगे। पहले तो यह देखना पड़ेगा कि यू टी वी नामक चीज़ हमारे टी वी पर है कि नहीं।
घुघूती बासूती

satyen said...

फिल्म देखने के लिए टाइम तो निकाल ही लेते हैं....दुख की बात है कि हमारे यहां यूटीवी वर्लडमूविज़ आता ही नहीं हैं....लगता है टाटा स्काई लेना ही पड़ेगा...